इस मोहब्बत ने...,
कितनों के दिल जोड़े?
और कितनों के दिल तोड़े?
मोहब्बत को क्या कहें?
भरोसा मिले या भरोसा टूटे,
रुसवाई के डर से,
लोग बात दबा लेते हैं।
बेवफ़ाई तो सब में होती है,
कोई उजागर हो जाता है,
कोई खबर नहीं लगने देते हैं।
- चंद्र दत्त शर्मा
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