बात बना देता हूं बातों बातों में,
मैं ऐसा ही स्पष्ट वक्ता हूं।
कीमत दूसरे क्या जानें ?
क्या मैं इतना सस्ता हूं ?
काम पड़े कुछ और,
काम निकले कुछ और,
मैं उन लोगों से बचता हूं।
काम पड़ा और प्रयोग कर लिया,
क्या मैं रिम का दस्ता हूं ?
लोगों ने समझ क्या रखा है ?
शायद मैं उनके लिए आसान रस्ता हूँ।
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