बसंत भी आ धमका,
दल बल के साथ।
सुरभित पवन भी ,
दे रहा उसका साथ।।
अवनि आज पीत बसना,
मुदित हो रही साथ साथ ।
टेसू उत्सुक दिखें आज,
केसरिया झंडा लिए हाथ।।
घर घर में उत्सव दूना,
बन रहीं रंगोली आज।
युवतियां दिखें पीत बसना,
पैरों में लगी महावर आज।।
- अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।
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