मानव जीवन स्वयं को
जानने की अभिलाषा रखता
वह अपनी प्रतिभा प्रशंसा
उपलब्धियों को जान गर्वित होता
वह अपने व्यक्तित्व की
सुन्दर छवि बनाये रखता
पर अच्छे गुणों प्रशंसा के साथ
हर मानव में कोई न कोई कमी होती
क्या आपने कभी अपनी कमियों
को जानने का प्रयत्न किया
हम अपनी आदतों को पहचाने
उन्हें सुधारने का प्रयत्न करें
यही आत्मनिरीक्षण कहलाता
यही निस्वार्थ भाव से आत्मज्ञान
को पा लेना कहलाता
कोई अच्छा कलाकार जिस तरह अपनी
बनायी कला का निरीक्षण करता
वह केवल उसकी सुंदरता नहीं देखता
उसकी कमी पर भी ध्यान देकर
उसे सुधारता और बेहतर बनाता
कभी कभी आलोचना आपकी
कमियों को उजागर कर देती
जो आप नहीं देख पाए
कभी कोई असफलता आपके
भीतर के अहंकार, छल को दिखला देती
अतः जीवन अपने आपको समझने की यात्रा है
इसमें अपनी कमियों को साहस
विनम्रता ईमानदारी से निरीक्षण करें
इसी प्रयास का नाम आत्मनिरीक्षण है
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