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मौसम खुशनुमा हो जाता है

                
                                                         
                            मौसम,खुशनुमा हो जाता है, तेरे आने के बाद।
                                                                 
                            
रवानी,आ जाती है लहू में, तेरे आने के बाद।

यूं तो हवाओं में नफरतों का ज़हर घुला हुआ है।
गर्म हवाएं,बन जाती हैं सबा, तेरे आने के बाद।

कोई पत्ता, नहीं बचा था, पेड़ों की शाख पर।
बहार आ जाती है गुलशन में, तेरे आने के बाद।

पत्थर हो चुका है हर शख्स, पत्थरों के शहर में।
पत्थर, हो जाता है आईना, तेरे आने के बाद।
-ओम गोपाल शर्मा 
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2 महीने पहले

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