जीवन साथी
न जन्म के साथी,
न ही किसी वर्ग की सहपाठी,
फिर भी हर रिश्ते से जो ऊपर हो,
वही है जीवन साथी।
कर्म से जो मिलता हो,
धर्म पर जो चलता हो,
जीवन के हर पड़ाव पर
अटल बन जो रहता हो,
वही है जीवन साथी।
पिता जैसा जो स्नेह दे,
माता की तरह प्रेम दे,
भाई जैसा विश्वास जगाए,
और बहन जैसा दुलार दे,
वही है जीवन साथी।
कृष्ण की तरह जिसके प्रेम में अपनापन हो,
राम जैसी मर्यादा का बंधन हो,
शिव की तरह सरल होकर भी
त्याग और धैर्य का संगम हो,
वही है जीवन साथी।
रुक्मिणी की तरह जिसमें सौम्यता हो,
सीता जैसी पवित्रता हो,
सती की तरह प्रेम में निष्ठा हो,
और पति के सम्मान के लिए
जिसमें अटूट दृढ़ता हो,
वही है जीवन साथी।
हिमालय-सा जिसमें अटल विश्वास हो,
जिसका मन सागर-सा निश्चल हो,
नदियों की तरह निरंतर बहता रहे,
और जिसकी गहराइयों में
विशाल हृदय का वास हो,
वही है जीवन साथी।
आसमान की तरह जो प्रेम बरसाए,
बादल बनकर सपने सजाए,
और बारिश की बूँदों की तरह
जीवन की सरसता दिखलाए,
वही है जीवन साथी।
— नूतन झाl
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