माँ का घर
माँ का घर ही सबसे प्यारा… .
प्यार भरा कण-कण में सारा।
माता-पिता का जहाँ लाड प्यारा,
भाई-बहन का दुलार न्यारा।।
माँ का घर ही सबसे प्यारा… .
नटखट बचपन जहाँ है बीता।
सुंदर भविष्य का सपना देखा,
मजा-खुशी जहाँ हंसी-ठिठोली।।
माँ का घर ही सबसे प्यारा… .
चाचा, बुआ,और दादा-दादी।
मामा, मौसी,और नाना-नानी,
रिश्तों में बेशुमार प्यार था।।
माँ का घर ही सबसे प्यारा… .
अपना-पराया जहाँ कभी नहीं था।
सुख-दुख भी न कभी अलग था,
खाना-कपड़ा भी न कभी अलग था।।
माँ का घर ही सबसे प्यारा… .
,
सखी-पड़ोसी संग मेला-सिनेमा देखा।
खेल-खिलौने संग झगड़ा देखा,
पर मन में कभी कोई बैर ना देखा।।
माँ का घर ही सबसे प्यारा… .
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