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बेपनाह मोहब्बत

                
                                                         
                            एक अधूरा सपना सा हो तुम
                                                                 
                            
आंख खुलते ही दूर चले जाते हो तुम
लाख छुपाना चाहूँ पलकों के नीचे 
पानी हो आंसू बनकर निकल जाते हो तुम

कल तेरी परछाई में
खुद को देखा करता था
आज यह परछाई मेरी है
इस पर भी शक करता हूं

मेरी हर खुशी मेरी हर हंसी
तेरे ही नाम करता हूं
जिंदगी का ख्वाब दिखाया था तुमने
वह जिंदगी भी तेरे नाम करता हूं

तू न सही तेरी तस्वीर से
बातें तो कर लिया करता हूँ
तुम मेरी जिंदगी में ना सही
तेरी तस्वीर से बेपनाह मोहब्बत तो करता हूं

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8 वर्ष पहले

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