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पेड़ ही अपना एक सहारा

                
                                                         
                            पेड़ हवा है पेड़ ही छाया
                                                                 
                            
पेड़ों से है प्राण हमारा
पेड़ बिना न संभव होगा
जीवन मेरा और तुम्हारा
वर्षों से जो पेड़ लगे थे
क्यों उनको तुम काट रहे हो
इस धरती के जनमानस को
जहर की सांसे बांट रहे हो
चारों ओर हवा दूषित है
पेड़ ही अपना एक सहारा
पेड़ बचेंगे देश बचेगा
जनमानस का एक ही नारा
किसे सुनाऊँ अपनी पीड़ा
सबके कान में रुई डली है
वोट की बेला जब आती है
जनता केवल तब ही भली है
ये तो अच्छा है सब सुन लो
कि पेड़ नहीं आंदोलन करते
प्राण हवा हम सब को देते
पर देनी का दंभ न भरते
पेड़ अगर आंदोलन कर लें
प्राण हवा को वापस भर लें
क्या धरती पर प्राण बचेगा
कौन मनुज है जो वायु रचेगा
पेड़ों की महिमा हम पहचानें
हम सब अपनी क्षमता जानें
पेड़ बिना है प्राण असंभव
पेड़ बिना कुछ भी न संभव
आओ हम सब पेड़ लगाएं
जितने लगे हैं उनको बचाएं
पेड़ रहेंगे जीवन होगा
स्वस्थ हमारा तन, मन होगा
-नीरज त्रिपाठी
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8 महीने पहले

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