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क्या खुली किताब वाले लोगों को पढ़ना आसान है?

                
                                                         
                            क्या खुली किताब वाले लोगों कोपढ़ना आसान है?
                                                                 
                            
लेकिन एक सवालफिर पीछे-पीछे क्यों चले आते हो?
मेरा मानना है—
पढ़ना आसान नहीं,क्योंकि लोगों को
कठिनाइयों से बचना अच्छा लगता है।
खामोशी का इंतज़ारकिसी को नहीं,
चालाक लोगों को
सिर्फ़ शोर अच्छा लगता है।
अचानक मिली खुशी की कीमत
हर किसी को कहाँ समझ आती है?
खुली किताब को पढ़ना तो दूर,
उसे खरीदना भी इतना आसान नहीं होता।
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2 सप्ताह पहले

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