कविता : साठ वर्ष का....
मैं आज साठ वर्ष से
पार हो गया हूं
सब की नजर में
बेकार हो गया हूं
मगर दोस्तों मैं ऐसा
नहीं सोचता कभी
मेरी जिंदगी तो नई
सिरे से शुरू है अभी
मेरी जिंदगी तो नई
सिरे से शुरू है अभी.......
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