कविता : नटखट्टू....
तुम प्यारी सुंदर
इतनी हो
बता ही नहीं सकता
कितनी हो ?
तुम्हारे पास कोई
नटखट्टू आ कर
कहीं न ले जाए वह
तुम को भगा कर
क्या करूं मैं समझ
नहीं आ रही
इसी के चलते मेरी तो
जान ही जा रही
इसी के चलते मेरी तो
जान ही जा रही.......
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X