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कविता : मौज....

                
                                                         
                            कविता : मौज....
                                                                 
                            
जिंदगी खाने के लिए
पीने के लिए है
जिंदगी मजे के साथ
जीने के लिए है

इस लिए मजे से खाओ
मजे से पियो
अपनी अपनी जिंदगी
मजे से जियो

क्या पता कल सुबह हमें
मौत ले न जाए कहीं
मौज करना है आज करो
कल हम रहें या नहीं
मौज करना है आज करो
कल हम रहें या नहीं.......

 
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2 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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