कविता : बेकार की कोशिश....
खुशहाल ये जिंदगी
बनाने के लिए
मैंने क्या क्या न किया
तुम्हें पाने के लिए
जितना भी करूं कोशिश
तुम को मैंने नहीं पाया
तुम कितनी मतलबी हो अब
जा कर समझ में आया
तुम कितनी मतलबी हो अब
जा कर समझ में आया.......
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