हास्य कविता : एक चिट्ठी....
प्रिय वीडियो कॉल करूं तो
तुम ये कहती हो
मेरी सूरत कभी भी देखना
ही नहीं चाहती हो
तुम्हें ऑडियो कॉल करूं तो मुझे
ब्लॉक लिस्ट में डाला है
ये भी तुम ने तो बहुत ही
बुरा कदम चाला है
इस लिए भेज रहा एक
चिट्ठी लिख तुम को
हम से गलती हुई
माफ करो हम को
किसी भी हाल में
हमारे पास आओ
आ कर दो चार झापड़
बेशक हमें लगाओ
प्रिय ये चिट्ठी
जरूर पढ़ना
पढ़े बगैर तुम
इसे न फाड़ना
अब ये छोटी सी बात
करता हूं खतम
तुम्हारा वही नेत्र
प्रसाद गौतम
तुम्हारा वही नेत्र
-प्रसाद गौतम.......
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