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मंज़िल की सफलता और असफलता।

                
                                                         
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लक्ष्य को साधने के लिए
सफलता की ऊँचाई छूने लिए
कोई कद, दिव्यांगता, कुरूपता और
सुंदरता जिन्दगी में कोई मायने नहीं रखती है।
ये सब मेहनत, लगन,
प्रयास और अभ्यास से हासिल हो जाया करती है।
और भाग्य के भरोसे,
तथा वक़्त के इंतजार में अक्सर ये खो जाया करती है।
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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