संघर्षों,
के बाद मिली मंजिल की असफलता।
मानसिक रूप से,
मनुष्य को आधा कमजोर कर देती है।
फिर प्यार,पॉवर, पद, प्रतिष्ठा, प्रयास,
पहचान,मान सम्मान भी छीन लेती हैं।
बस, एक असफलता
एक साथ इतने सारे अनर्थ कर देती है।
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