भूख और मजबूरी
पेट की आग और हालात की मजबूरी।
इंसान
को बिना गुरु के सब कुछ सीखा देती है।
ये किसी को
मौत के कुएँ में गाड़ी चलाना तो किसी
को एक इंच की
रस्सी पर चलने की कला सीखा देती है।
नेमाराम - बरना
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