न बोले मुंह से बे मतलब
यहां लोग बड़े सयाने हैं
सब जानके भी न पहचाने
यहां रोग बड़े पुराने है
बातें करे सब ज्ञान की
ना मान किसी को करना है
मन के ज्ञानी सब फिरे
ना ध्यान किसी को करना है
अपनी धुन में सब मगन
यहां शांत आत्मा कोई नहीं
ढूंढ दिन में जग सारा
यहां महान आत्मा कोई नहीं
सुख दुख सुख दुख करता मानव
दोनों का क्या अर्थ यहां
जब दोनों से ही छलके आंसू
फिर दोनों में है फर्क क्या
साथ प्रेम से जी लो जीवन
यह बड़ा अनमोल खजाना है
कोई न आएगा समझाने
ये बड़ा घनघोर जमाना,
-नीटू मावी
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