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लूटती शराफ़त

                
                                                         
                            मेरे भीगे हुए नैनों का कोई दोष बता दो
                                                                 
                            
यहां कौन है ज़माने में एक निर्दोष बता दो

चिल्लाकर लोग अपने को साबित कर रहे है
मेरे अलावा कौन है यहां खामोश बता दो

मुझे इतना भी मजबूर ना कर तू ए ज़माने
फिर किसने किया है यहां अफ़सोस बता दो

आए है कुछ लोग मेरे अश्कों की धारा रोकने
मैं कैसे करूं सब्र और कैसे करूं संतोष बता दो
-नीटू मावी
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एक घंटा पहले

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