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पैसे का झरना

                
                                                         
                            "पैसे का झरना"
                                                                 
                            

पैसे का झरना ऊपर
से बेहता था
मुझसे ये
रोज़ रोज़ कहता था
क्या तुम नहाओगे
मैं सकोंच कर जाता
और कहता,
मैं घर से नहा
कर आया हूँ
वह फिर से
मुझसे पूछा
क्या तुम ठीक से
नहा कर आये हूँ
हां में साबुन
लगा कर नहाया हूं
वह कहता,
अबे और नहा लूं
पैसे के झरना में
Liril की ऐड मना लूं
बार बार क्यों कहलावते हूं
घूस खानी हैं,
ये क्यों नहीं गाते हैं
हम इतना तुम्हारे
पीछे पड़े हैं
क्या मतलब नहीं
जानते हूँ,
हमें यूंही क्यों
टहलता हूँ,
काम कूरों,
वरना मुँह की खाओगे,
पैसे के झरने
में नहा लू
वर्ना बचूं
बहुत पछ ताओगे
किसी के काम
के ना रह जाओगे
और किसी के काम
भी ना आओगे

 
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2 महीने पहले

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