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नानी के हाथ के लड्डू

                
                                                         
                            100 किलो का अब वजन है
                                                                 
                            
पतले होने को ठानी हैं
याद आयी अब नानी हैं
जब हम छोटे बच्चे थे
नानी के हाथ के लड्डू खाते थे
उनके हाथ में जादू था
रथ का डब्बा रहता था
उसमें से निकलते थे
देसी घी के लड्डू
हम बच्चे चाव से खाते थे
उस पर ख़ूब इतराते थे
लड्डू तुह अब ढेर हुआ
हमसे सवा सेर हुआ
बाल सफ़ेद हुए जाते हैं
हम अब भी लड्डू
चाव से खाते हैं
जो नानी की
याद दिलाते हैं
हम अब भी लड्डू
चाव से खाते हैं
जो नानी की
याद दिलाते हैं
जो नानी की
याद दिलाते हैं
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3 महीने पहले

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