तुम्हारी खूबसूरती मेरी आँखों में
कहीं थम-सी जाएगी,
एक अनमोल ख़ज़ाने की तरह।
जैसे भगवान की बनाई
वो हर चीज़, जो अपने आप में अनमोल है—
नदी,
पानी,
हवा,
पहाड़,
सूरज,
चाँद,
फूल,
और भी लाखों चीज़ें।
वे सब थम-सी जाती हैं
और अपने पास होने का
एक खूबसूरत-सा एहसास
देती रहती हैं।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X