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तुम मेरी ज़िंदगी में आना

                
                                                         
                            तुम मेरी ज़िंदगी में आना,
                                                                 
                            
तुम न करना मुझसे कोई बहाना।
मेरे पास आना,
मुझसे प्यार जताना,
तुम बनना मेरी जाने-जाना,
मैं हो जाऊँ तुम्हारा दीवाना।
सुनना मेरी बातें,
मैं समझूँ तुम्हारे अरमानों को,
तुम मुझसे दूर न रहना,
मैं रखूँ तुम्हें अपने पास।
कहूँ जो तुमसे,
वो मेरे लिए करना,
अब तुम बनो मेरी जाने-जाना,
अब यूँ न बनाना मुझे
ऐसा दीवाना—
कि दूरी तुमसे
मुझसे सही जाए ना।
जो आ जाओ मेरी ज़िंदगी में,
मेरी ज़िंदगी लगे एक फ़साना।
हर दिन में हो तुम्हारा होना,
हर रात में हो तुम्हारा अफ़साना।
तुम कुछ समझी,
मेरी जाने-जाना?
मैंने तुम्हें अभी देखा नहीं,
फिर भी जाने क्यों
दिल ने तुम्हें अपना माना।
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2 महीने पहले

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