आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

हिंदुस्तान को बचाना है

                
                                                         
                            चलो खाओ एक कसम हिंदुस्तान को बचाना है
                                                                 
                            
जंग ऐसी लड़ना है सबको साथ आना है
हिन्दू मुस्लिम राजनीति ये सब बाद का फसाना है
अभी सारे लोगों को कोरोना से बचाना है

कुछ दिन घर में यूं ही बैठो
अपनो से बिल्कुल ना रूठो
जो रूठ गए है उनको मना लो
जाना कहीं नहीं बस सब को फोन मिला लो
हाल चाल पूछ लो और जान लो कैसी है तबीयत
क्या पता किस हाल में हो वो और कैसी हो उनकी अजियत
हो अगर साहिब-ए-हैसियत तो कुछ काम ये कर दो
अपने आस पास गरीबों के घर खाने का राशन भर दो
लड़ाई बहुत लंबी है इस बीमारी को हराना है
चलो खाओ एक कसम हिंदुस्तान को बचाना है आगे पढ़ें

6 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर