देखा आपको जब से ,यूँ वीराने से फिरते हैं,
दिमाग कहता कुछ, फिर भी दिल की सुना करते हैं।
दिल कहता है ,अपना बना लें आपको,
पर कहने से ही डरते हैं।
रुक जाते हैं यही सोचकर,
कि क्या आप भी हम पर मरते हैं।
चलो आज बताते हैं,
दिल में जो है कर जाते हैं।
दिल आपके नाम करते हैं,
जान आपके नाम करते हैं।
आप मानें तो उम्रभर आपका साथ निभाने का पैगाम करते हैं,
वरना ज़िंदगी यूँ ही गुज़ार देने का अंजाम करते हैं।
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