कितना मज़बूत हो गया है हाथ,
अब नहीं चाहिए सपा का साथ।
लड़ना आता इन्हें सब देख लो,
नए-पुराने अध्यक्षों में दो-दो हाथ।
हाथ जूता लेकर ताक़तवर बना,
ये प्रैक्टिस है न समझें जूतम लात।
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