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ज़ाहिर नहीं करता कभी किसीको कुछ नहीं कहता है

                
                                                         
                            ज़ाहिर नहीं करता कभी किसीको कुछ नहीं कहता है
                                                                 
                            
ता-उम्र औलाद के लिए वालिद चुप - चाप सब सहता है!

जब उस के अपने बच्चों के बच्चे भी बालिग हो जाते हैं
औलाद को तब समझ आता है वालिद जब नहीं रहता है!
-एन. आर. कस्वाँ
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13 घंटे पहले

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