ज़िंदगी में बार-बार बे-शुमार उतार-चढाव उरूज-ओ-ज़वाल आते रहते हैं
ज़वाल के बग़ैर उरूज बेमाने जानेमाने दरवेश और दानिशमंद ये कहते हैं
-एन. आर. कस्वाँ
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