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उम्मीद आदमी से

                
                                                         
                            उम्मीद रखकर आदमी से
                                                                 
                            
शिकायत की भगवान से!
चूक बस एक यही हो गई
ज़माने में नादां इन्सान से!
-एन. आर. कस्वाँ
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43 मिनट पहले

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