हयाते-मुस्त'आर को फ़जूल की जिरह तकरार हुज्जत और बहस मुबाहिसा में जाया किया जाए
इसके बजाय जो लोग आपको प्यार करते हैं उनके साथ ज़िंदगी का हर-पल खुशी से जिया जाए
-एन आर कस्वाँ
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