अपने खुद के सोच ओ ख़यालात बदलें
अपना जीवन बदलें खुद की हयात बदलें!
औक़ात बदल सकते नहीं किसीकी हम
बेहतर है कि हम अपने ही जज़्बात बदलें!
-एन. आर. कस्वाँ
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