गुस्से में शुरू करो ख़त्म करो शर्मसार होकर
जो भी करना है शांति से करो तैय्यार होकर!
जल्दी का काम शैतान का सब्र से इन्सान का
अपने काम को अन्जाम दो होंशियार होकर!
-एन आर कस्वाँ
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