दोस्तों इस जिस्म-ए-फ़ानी ने अब तक की मुसाफ़िरत में हमारा बहोत साथ दिया है इसका शुक्रिया कीजिए!
उम्रे-पीरी में कुछ कीजिए न कीजिए मग़र फ़िक्रो-ख़याल अपने हलकान और क्लांत श्रांत शरीर का कीजिए!
-एन आर कस्वाँ
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