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बेकार रुसूम

                
                                                         
                            है मनवांछित एकांत अनचाहे हुजूम से बेहतर !
                                                                 
                            
मनभावन इक रस्म बेकार के रुसूम से बेहतर !
-एन. आर. कस्वाँ
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एक घंटा पहले

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