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औढरदानी

                
                                                         
                            आप शायद भूल गए कलतक जिसकी शिद्दत से तलाश थी
                                                                 
                            
आज जो शय हासिल है कल तक कब आप के पास थी!
शुक्रकरो उस देनेवाले दयाशंकर कृपानिधान ओढरदानी का
कि आपको वो सब मिल गया जिसको पाने की आस थी!
-एन. आर. कस्वाँ
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2 सप्ताह पहले

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