जब इन्सान हर-सू अंधियारों से घिर जाता है
तब वो खुद ही रौशनी का सबब बन जाता है
हिम्मत और हौंसला गर सलामत हो तो बंदा
खुद की मदद से खुद अपना रब बन जाता है
-एन आर कस्वाँ
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