सुकूँ के सहर ओ शाम चुराकर ले गया
दर्द तेरा मेरे सारे काम चुराकर ले गया
इक मेरे नाम से जुड़ना उनके नाम का
सुख चैन और आराम चुराकर ले गया
-एन आर कस्वाँ
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X