पेट भर भोजन मिलने से लेकर, शान से रहने के,
मनचाहा करने के ,देश विदेश घूमने के,
समाज में मान बढ़ाने के ,रिश्ते नाते में सम्मान पाने के, मौज उड़ाने के, सुन्दर सुनहरे ख्वाब सजाने के,
लखनऊ के नबाब से शेखी बघारने के,शेर सा दहाड़ने के , जिंदगी संवारने के, आसमान में उड़ने के,
ऊंची उड़ान भरने के, बड़े से बंगले, बड़ी सी गाड़ी के,
एस यू वी सफारी के, रंगीन सपने देख कर पूरा करने तक की मनमोहक, मनभावन,दिल लुभावन भविष्य की झिलमिलाती तस्वीरें दिखाई जाती हैं!
ऐसी एक पाठशाला जहां लोगों को जिंदा रखने की तरकीबें सिखाई जाती हैं!
एक ऐसी बंजर भूमि जहां हकीकत के बीज से हसरतों की फसलें उगाई जाती हैं!
बचपना छीन ली जाती है, पसीना खरीदा जाता है, खून की कीमत लगाई जाती है!
चंद सिक्कों की खनक के बल पर हसीन बुढ़ापे तक की बोली लगाई जाती है!
कठिनतम साधना की बलि वेदी पर उमड़ते अरमानों की बलि चढ़ाई जाती है!
दिल में उठती सुकोमल भावनाओं के तूफान को दबाया जाता है,
कपोल कल्पना का रंगीन सब्जबाग दिखाया जाता है!
जज्बातों के जोश और उफान को जिंदगी की कड़वी घूंट पिलाई जाती है!
जी हां!
नौकरी वो श्मशान है जहां जवानों की जवानी जिंदा जलाई जाती हैं!
उसकी राख सनी मिट्टी में नए पुराने पूंजिपतियों के दौलत की फसलें उगाई जाती है!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X