उस वैद्य हकीम से क्या मिलना जो सुई दवाओं से इलाज करते हैं,
मिलिए उन गरीबों, फकीरों से जो दुआओं से इलाज करते हैं!
जहां नहीं कोई जड़ी बूटी, दारू, दवा असर करती है,
वहां मां बाप और बड़ों की दुआ असर करती है!
उसका कोई भी कुछ भी ना बिगाड़ सकता है,
जिसके सिर पर उसके मां के आंचल की छांव हुआ करती है!
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