बच्चे घर लौटे
दीये जले परकोटे
सुबह को ज्यूँ पौ फूटे
ठंडी बूँदे बादलों से छूटे
मरु में उग आये हरे भरे बूटे
जब बमबारी के बीच बच्चे घर लौटे
- नरेंद्र
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