कवि और लेखक कभी-कभार ऐसे स्थिति आ जातें हैं
शब्दों के भीड़ फंस जातें हैं और शब्द जंजाल बन जातें हैं
कविता के.मोड़ में जाकर शब्दों के जंगल में फंस जाते हैं
कवि एक बार मार्मिक दुख भरी कविता लिख रहें थे
शब्दों के जंजाल में ऐसे फंसें कि कविता हास्य में तब्दील हो गई
कई अविश्वसनीय कार्य भी इस शब्दों के हेरफेर हो जातें हैं
जिसकी आप ने कल्पना न ,साहित्य जगत में स्थापित हो जातें हैं
- भागवत प्रसाद नायक
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