सरकार बनाती है जनता के भलाई के लिए नीतियां
पर हर परिवार की अलग-अलग होती हैं परिस्थितियां
हर सुबह और शाम अलग- अलग रहती है परिस्थितियां
जनता के भले के लिए बनती अलग- अलग नीतियां
वास्तविकता पर ध्यान रख जनता के लिए बने नीतियां
प्रदेश सरकारों ने बनाई जनता को रकम बांटने की नीतियां यह गलत है, ऐसे रकम का ज्यादातर दुरुपयोग होता है
गरीब गलत व्यसनों में खर्च करके इसका दुरुपयोग करता हे
जिससे निर्धन परिवार काम न करने की प्रवृति बन जाती है
यह दोहरा वार करता है एक काम न करने की
और दूसरा काम न कर गलत व्यसनों की प्रवृत्त हो जाती है
- भागवत प्रसाद नायक
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