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पारिजात

                
                                                         
                            समुन्द्र मंथन से अद्भुत चीजें निकली
                                                                 
                            
उसमें से निकला वृक्ष था पुष्प पारिजात
यह पुष्प है अलौकिक रात मे खिले पारिजात
सुबह ही पुष्प झर जाती है
और देवी- देवताओं होता है अर्पित
यह है अद्भुत पुष्प है
रात में सुंदर तारों सा खिलती है
एक बार भगवान श्रीकृष्ण की पत्नि रुक्मणी
स्वर्ग कर रहीं थी विचरण, उन्होंने देखा पारिजात
स्वर्ग में चांदनी रात जो तारों सी खिली थी पारिजात
उस पर मोहित हो गईं रुक्मिणी
कृष्ण भगवान से की अनुरोध
लाओ धरती पेड़ पारिजात
उन्होने मांगा पारिजात स्वर्ग के राजा इन्द्र से
राजा इन्द्र नहीं दिया पारिजात
भगवान श्रीकृष्ण ने युध्द किया इन्द्र से
और लाया धरती पर पारिजात
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एक महीने पहले

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