हुस्न की बस्ती में भंलवश पहुंच गया
खुदा ने चुन-चुन कर ऐसे अवयव लगाएं हैं
फिदा हो गये है हसीनाओं के जिस्मों पर
खुदा माफ करे, अपनी जान कुर्बान कर देगें
हुस्न पनाह लरजती जवानी पर
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