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अपने अभिभावकों की सलाह से सोच समझ कर अपना जीवन साथी चुनें

                
                                                         
                            नारि मैं अनारि किस विधि गौर करूं समझे ना संस्कार बिन जाने किया विश्वास भूखे संग भेड़िए टुकड़े किए पचास जीवन धोखे से खो दियो।
                                                                 
                            
बिन सोचे बिन समझे करो न दुष्टों का विश्वास प्रेम में डूबकर झूठा इनका प्रेम हाल बेहाल मेरो कीयो, जीवित काट्यो अंग अंग दर्द दुःख घोर दियो।
सुनता सिंहर जाय पापी ने यों कियो तड़फत तड़फत निकल्यो जीव मेरी मौत हुई मेहरबान जद जीव बैचेन चैन हुयो अब सोच समझ करो व्यवहार पात्र कुपात्र पहचान से।
सुनलो मेरी संसार आ आख़िरी आरजू संग करो सोच विचार अपनों की मानो राय कायदा जान होगा फायदा नारी धन अमुल्य को न करो आजाद नारी घर की शान को।
नारी घर की सोभा अपार जिस घर न हो बेटियां वो घर सही में घर नहीं , लागे बगीचे फूल इक सार बगीचे की सोभा नहीं लगे रंग बिरंगे फूल बगीचे की सोभा घणी।
लव मैरिज लव जेहाद दोनों में खोट है सच्ची सुनो राय जन परिवार की, हितेशी हमराह ये हि हैं शिरोमणि कहवे हैं नगराज राह चुनो आसान अपनों का संग राखिए।
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2 वर्ष पहले

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