आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

शीर्षक - लेखक.... विचार

                
                                                         
                            लेखक एक विचार संदेश देते हैं।
                                                                 
                            
हम तुम दोस्त बन राह चुनते हैं।
सच वो राह भी आसान न होती हैं।
हां लेखक केवल निःस्वार्थ लिखते हैं।
वो राह के सच से गुजर चुके होते हैं।
जिंदगी में हम सब जीवन जो जीते हैं।
न दिल न मन हम तेरा मेरा करतें हैं।
हम सभी तो एक इंसान कर्म रहते हैं।
नीरज आज के साथ धर्म कर्म लिखते हैं।
एक-दूसरे के सहयोग संग किरदार निभाते हैं।
सच न साथ कुछ लाए न कुछ ले जाना हैं।
वक्त के साथ न रिश्ते न नाते सब छोड़ जाना है।
आओ सही कर्म कर ईश्वर की राह पर चलते हैं।
-नीरज कुमार अग्रवाल 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर