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शीर्षक - मानसून..... मौसम

                
                                                         
                            हर दिन नया मानसून रहता हैं।
                                                                 
                            
वर्षा ऋतु में चंचल मन होता हैं।
मन और भाव की राह कहता है।
मानसून मौसम और हम होते हैं।
नीरज शब्दों में मानसून लिखते हैं।
तेरे मेरे मन भाव और मौसम होते हैं।
हां हां सच मानसून और हम कहते हैं।
प्रेम प्यार चाहत की राह भी होती हैं।
विराह में मानसून का सच न लगता है।
मानसून मौसम भी हमारे हालात होते हैं।
उमंग और उत्साह के रंग सच भी होते हैं।
बस वो मानसून मौसम हर दिन कहां है।
पल लम्हें और हम तुम सच करते हैं।
आओ आज मानसून मौसम में भीगते हैं।
 
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3 महीने पहले

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