आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

शीर्षक - मां मातंगी

                
                                                         
                            जय जय माँ मातंगी भक्ति में शक्ति है।
                                                                 
                            
सच माँ मातंगी की भक्ति हम करते हैं।
हां सच ज़िंदगी में हर भक्त ही होता हैं।
माँ मातंगी साधना हम सब जानते हैं।
सनातन में माँ मातंगी दस महाविद्या हैं।
माँ सरस्वती का मातंगी का सहयोग हैं।
माँ मातंगी का स्वरूप ही सच कहता हैं।
नीरज शब्दों मां मातंगी कविता लिखते हैं।
सच रंग श्याम हरा श्यामल राजमातंगी हैं।
विद्या और कला की देवी हम सब पूजते हैं।
हम गायक वादक लेखक कलाकार संग हैं।
जय माँ वाणी और कला को सिद्ध करती हैं।
हां हम मां मातंगी वाणी सिद्धि को मनाते है।
आओ हम सब मां मातंगी वर्णनन करते हैं।
-नीरज कुमार अग्रवाल
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर