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शीर्षक - जिंदगी (अनमोल जिंदगी)

                
                                                         
                            सच जिंदगी में हम सभी को अपनी परवाह , न तेरी न मेरी बस अपनी जिंदगी अनमोल हैं।
                                                                 
                            
चाहत और प्यार में जीते जिंदगी ,बस अलग अंदाज़ है।
अनमोल जिंदगी के साथ हम सभी वे मिसाल है।
हमसफ़र जिंदगी में तुम बने, ख़्याल तुम्हारी जिंदगी का अनमोल है।
हम सभी की जिंदगी में मन भावों, स्वार्थ और फरेब है। बस जिंदगी गुज़र तेरे संग जाए, यही सोच जिंदगी अनमोल हैं।
न संग जिंदगी में तेरे मेरे , बचपन जवानी और बची जिंदगी अनमोल हैं।
आओ लम्हे जिंदगी के जी ले,और कुछ नहीं जिंदगी अनमोल हैं।
जिंदगी के पल न रुकते , हंसी खुशी से ही जिंदगी अनमोल हैं।
-नीरज अग्रवाल 
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